Close Menu
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Facebook X (Twitter) Instagram Threads YouTube Telegram
    Friday, October 23
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    Rail HuntRail Hunt
    Subscribe
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
      • सर्कुलर / आर्डर
      • रेलवे की निविदा
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • गपशप
      • साक्षात्कार
    • अभिमत
    • मीडिया
      • सोशल मीडिया
      • समाज-संस्कृति
    • संपर्क
    Rail HuntRail Hunt
    • होम
    • रेलहंट स्पेशल
    • रेल न्यूज
    • बोर्ड/जोन
    • रेल यूनियन
    • रेल यात्री
    • आरपीएफ-जीआरपी
    • अभिमत
    • गपशप
    • मीडिया
    • समाज-संस्कृति
    Home » 1.51 करोड़ सलाना वसूलने वाला टीटीई अपने ही साथियों के निशाने पर, सीबीआई जांच की उठी मांग
    देश-दुनिया

    1.51 करोड़ सलाना वसूलने वाला टीटीई अपने ही साथियों के निशाने पर, सीबीआई जांच की उठी मांग

    Railhunt News DeskBy Railhunt News DeskJanuary 26, 2020
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
    • मुंबई के एसबी गलांदे ने एक साल में 22 हजार बेटिकट यात्रियों से 1.51 करोड़ वसूली का बनाया है रिकार्ड
    • उनके साथ तीन अन्य टिकट निरीक्षकों ने भी एक करोड़ से अधिक की वसूली कर बनाया रिकार्ड
    • देश भर में ओपन लाइन और ट्रेन में चलने वाले टीटीई के लिए बड़ी मुसीबन बनकर आयी यह खबर
    • टिकट चेकिंग स्टॉफ ऑर्गनाइजेशन की मंच से उठे विरोध के स्वर, सदस्यों ने कहा-अनुशासित नियमों के तहत ऐसा कर पाना संभव नहीं

    रेलहंट ब्यूरो, नई दिल्ली

    सेंट्रल रेलवे मुंबई से आयी एक खबर इन दिनों देशव्यापी चर्चा का विषय बनी हुई है. चर्चा होना भी लाजिमी है क्योंकि मात्र चार टीटीई ने मिलकर रेलवे को एक साल में चार करोड़ से अधिक का मुनाफा करा दिया है. जबकि रेलवे का एक टिकट निरीक्षक औसतन एक साल में प्रतिदिन आठ केस बनाकर 6.3 लाख रुपये तक का राजस्व देता है. ऐसे में एक साल में 22680 बेटिकट यात्रियों से 1.51 करोड़ रुपये जुर्माना वसूलकर सेंट्रल रेलवे (सीआर) फ्लाइंग़ स्क्वाड के टीटीई एसबी गलांदे न सिर्फ अपने ही साथियों के निशाने पर आ गये है, वरन केस की संख्या और राजस्व वसूली के तरीकों पर भी गंभीर सवाल उठाये जाने लगे है. टीटीई का सबसे कड़ा विरोध इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टॉफ आर्गनाइजेशन के मंच से उठी है, जिसमें सदस्यों ने गलादे समेत अन्य टीटीई द्वारा वसूली गयी राशि और तौर-तरीकों की सीबीआई जांच कराने तक की मांग उठा दी है.

    रेलवे के करोड़ों का राजस्व वसूली की खबर भले ही सुखद अहसास कराती हो लेकिन ऐसे में जब रेलवे में अधिकांश यात्री टिकट लेकर सफर कर रहे हो तो एक टिकट निरीक्षक हर दिन 72 बेटिकट यात्रियों को कैसे जुर्माना कर रहा था यह सवाल स्वयं टिकट निरीक्षक ही उठाने लगे है? गलांदे के साथ तीन अन्य टिकट निरीक्षकों ने भी बेटिकट यात्रियों से बतौर जुर्माना 2019 में एक-एक करोड़ रुपए वसूली का रिकार्ड बनाया है. इनमें 20657 केस देकर सीटीआई रवि कुमार ने 1.45 करोड़, 16035 केस देकर 1.07 करोड़ और डी कुमार ने 15264 केस देकर 1.02 करोड़ राजस्व वसूलकर क्रमश : दूसरे, तीसरे नंबर और चौथे नंबर पर रहे हैं. इन टिकट निरीक्षकों का कहना है कि इन लोगों ने हर दिन 12 से 13 घंटे ट्रेन में बीताया है. सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर शिवाजी सुतार के अनुसार सेंट्रल रेलवे ने 2019 में 37.64 लाख बेटिकट और अनियमित ट्रेवल एजेंट से 192.51 करोड़ रुपए की वसूली की है. 2018 में यह आकड़ा 168.30 करोड़ वसूली का था. रिकॉर्ड वसूली के लिए टिकट निरीक्षकों को कई मंचों से बधाई भी मिल रही है.

    रेलवे के अनुशासित नियमों की परिधि में चलकर ऐसा कर पाना संभव ही नहीं है लिहाजा इन टिकट चेकरों ने राजस्व् का आकड़ा पाने के लिए नियमों को ताक पर रखा होगा, जो आज हजारों टिकट निरीक्षकों के लिए तनाव और परेशानी का कारण बन रहा है. सोशल मीडिया पर चल रही टिप्पणी

    इसके विपरीत, मुंबई के टिकट निरीक्षकों के राजस्व का आकड़ा देश भर में बहस का विषय बन गया है. जानकारों का मानना है कि रेलवे के अनुशासित नियमों की परिधि में चलकर ऐसा कर पाना संभव ही नहीं है लिहाजा इन टिकट चेकरों ने राजस्व् का आकड़ा पाने के लिए नियमों को ताक पर रखा होगा, जो आज हजारों टिकट निरीक्षकों के लिए तनाव और परेशानी का कारण बन रहा है. देश भर के टीटीई सोशल साइट पर इन टिकट निरीक्षकों के कृत्य को गलत ठहराते हुए उनपर अपनी भड़ास निकाल रहे है, हालांकि सीधे तौर पर अब तक किसी संगठन अथवा सिस्टम की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

    सोशल मीडिया पर दी गयी अपनी टिप्पणी में विजय सकरवार ने बताया कि ऐसे टीटीई स्लीपर के पास खड़े होकर जनरल टिकट को स्लीपर में कन्वर्ट करने का काम करते हैं. इन लोगों के कारण आज अच्छे स्टाफ भी इसी भेड़चाल में शामिल होना पड़ा रहा है क्योंकि उनके पास भी अब कोई चारा नहीं बचा. वहीं जयदेव परमार का कहना है कि ऐस टिकट जांच परिक्षक निरीक्षक केवल शयनयान श्रेणीके अनारक्षित यात्रियोसे H/T रसीद बनाते है और टार्गेट पूरा करते है, इनकी ईएफटी की जांच की जाये तो यह पता चल जायेगा कि बिना टिकट यात्रियों का पकड़कर अधिक फाइन नहीं किया होगा. वहीं सेवानिवृत्त सीटीआई प्रकाश चंद्र का कहना है कि टारगेट दिखाने व नाम चमकाने के लिए ऐसे टीटीई गलत तरीके से रसीद बनाते हैं, इनकी पोल खोलना जरूरी है. जबकि पंकज आर मिश्रा ने एक गंभीर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की है कि ऐसे टीटीई सीट खाली होने के बावजूद पेनाल्टी केस बनाकर निकल जाते है इससे रेलवे की छवि पर विपरीत असर पड़ता है.

    पहले से ही भारी दबाव में है टीटीई, कई कार्यालय कार्य में एंगेज  

    टिकट निरीक्षकों से जुड़े इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टॉफ ऑर्गनाइजेशन के एक पदाधिकारी ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि पहले से ही सभी डिवीजन में टिकट निरीक्षकों के ऊपर भारी दबाव है. रेलवे राजस्व की वसूली करने के साथ मान्य तरीकों को अपनाने की सीख दी जाती है जिससे टारगेट पूरा कर पाना मुमकीन नहीं होता. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में टिकट चेकिंग स्टॉफ को कई डिवीजनों में निजी स्वार्थ वश दूसरे कार्याें में एंगेज करके रखा गया है इससे रेलवे का राजस्व प्रभावित होता है तो टिकट निरीक्षकों पर कार्य का दबाव बनता है. ऐसे में छोटी सी चूक में भी निशाने पर ले लिया जाता है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि दलाल टाइप के लोगों के कारण उनका अधिक से अधिक शोषण अधिकारी कर पाते है जबकि रेलवे के फेडरेशन भी इस मामले में कुछ नहीं बोलते. ……जारी 

    सोशल मीडिया पर चल रही टिप्पणी को देखें 

     

    सूचनाओं पर आधारित समाचार में किसी सूचना अथवा टिप्पणी का स्वागत है, आप हमें मेल [email protected] या वाट्सएप 6202266708 पर अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं.

     

    tte-which-collects-1-51-crore-rupees-is-on-target-of-its-own-colleagues-cbi-investigation-demands
    Share. Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link
    Previous Articleआरपीएफ : डीजी के निशाने पर आये SER आईजी और CKP सीनियर कमांडेंट हटाये गये
    Next Article सिग्नल प्रणाली में सुधार के प्रयासों का हिस्सा बनेगी एसएंडटी मेंटेनर्स यूनियन
    Railhunt News Desk
    • Website
    • Facebook
    • X (Twitter)
    • Instagram

    देश के अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल्स और पत्रकारों का एक ऐसा मंच है, जिसका उद्देश्य रेलवे और परिवहन जगत की खबरों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करना है।

    Related Posts

    रेल यात्री

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 अक्टूबर को ‘पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस’ को दिखायेंगी हरी झंडी, रेलवे ने शुरू की तैयारी

    October 23, 2026
    बोर्ड/जोन

    रेलवे में स्वच्छता क्रांति: चेयरमैन सतीश कुमार ने नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों संग की सीधी बात, 20 ‘स्वच्छाग्रही’ सम्मानित

    October 23, 2026
    रेल यात्री

    TATANAGAR से पुरी के बीच बादामपहाड़ होकर चलेगी नई एक्सप्रेस ट्रेन, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

    October 21, 2026
    Latest Posts

    क्या ‘रेल जन-संवाद’ से सुधरेंगे हालात, या औपचारिकता बनकर रह जाएगा रेलवे का विशेष अभियान!

    October 23, 2026

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 28 अक्टूबर को ‘पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस’ को दिखायेंगी हरी झंडी, रेलवे ने शुरू की तैयारी

    October 23, 2026

    रेलवे में स्वच्छता क्रांति: चेयरमैन सतीश कुमार ने नई दिल्ली स्टेशन पर यात्रियों संग की सीधी बात, 20 ‘स्वच्छाग्रही’ सम्मानित

    October 23, 2026

    रेलवे की सुरक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रेलवे क्रॉसिंग का बैरियर तोड़ना अब गैर-जमानती अपराध

    October 22, 2026

    शव के साथ घंटों इंतजार! 8 घंटे लेट हावड़ा-नई दिल्ली स्पेशल, गूंजे ‘इंडियन रेलवे हाय-हाय’ के नारे

    October 21, 2026

    TATANAGAR से पुरी के बीच बादामपहाड़ होकर चलेगी नई एक्सप्रेस ट्रेन, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी

    October 21, 2026

    ECR: धनबाद में जीएम डिंपी गर्ग ने कहा – तीसरी और चौथी लाइन बिछने के बाद ही दिल्ली-बेंगलुरु की सीधी ट्रेनें

    October 20, 2026

    ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ा अपडेट: अब काउंटर टिकट पर भी मिलेगा बीमा कवर, 27 अक्टूबर से नया नियम लागू

    October 19, 2026

    रेलवे ट्रैक पर हाथियों का ‘डेरा’, हावड़ा-मुंबई मुख्य मार्ग किया जाम, चार ट्रेनें घंटों खड़ी रही

    October 18, 2026

    दक्षिण पूर्व रेलवे का नया गणित: 7 घंटे का ब्लॉक = 28 घंटे की कछुआ चाल, बंडामुंडा में इंजीनियरों ने रचा इतिहास!

    October 18, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram
    • About Us
    • Advertisement
    • Write for Us
    • Editorial Policy
    • Privacy
    • Cookies Policy
    • Contact Us
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Join Railhunt Group