- रेलवे बोर्ड के सदस्य एसएंडटी को भेजा पत्र, याद दिलाया रेलवे बोर्ड चेयरमैन का आश्वासन
- चार साल में 56 से अधिक की जा चुकी है जान, कमेटी का कार्यकाल बढ़ाने से बढ़ी नाराजगी
रेलहंट ब्यूरो, नई दिल्ली
रेलवे सिग्नल एंड कम्युनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन रिस्क एंड हार्डशीप अलाउंस के मामले में बार-बार मिल रहे आश्वासन पर नाराजगी जताते हुए आमरण अनशन पर जाने का अल्टीमेटम दिया है. यूनियन ने रेलवे बोर्ड के सदस्य एसएंडटी प्रदीप कुमार को भेजे पत्र में बोर्ड द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट समय पर नहीं आने और उसका कार्यकाल बढ़ाने पर सवाल उठाते हुए चिंताओं से अवगत कराया है. इसमें स्पष्ट कहा गया है कि एक ओर कर्मचारियों की जान जा रही है और दूसरी ओर बार-बार अनुरोध और सांसदों की अनुशंसा को दरकिनार कर बोर्ड मामले को लटकाने का उपक्रम कर रहा है. रिस्क तथा हार्डशिप अलाउंस मिलने में हो रहे विलंब को लेकर विभाग के कर्मचारियों का असंतोष बढ़ रहा है. अगर यही स्थिति रही तो यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारी (09.02.2020) नौ फरवरी 2020 से आमरण अनशन पर चले जायेंगे.
इंडियन रेलवे एसएडंटी मैंटेनर्स यूनियन की ओर से महामंत्री आलोक चन्द्र प्रकाश बोर्ड सदस्य से अनुरोध किया है कि एसएंडटी कर्मचारियों को जल्द से जल्द रिस्क तथा हार्डशिप अलाउंस दिया जाना सुनिश्चित कराया जाये. उन्होंने बताया है कि हमने रिस्क तथा हार्डशिप अलाउंस के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल को दिनांकः 03.01.2019 को, पूर्व रेलवे बोर्ड अध्यक्ष आश्वनी लोहानी को पांच बार चक्रधरपुर, गांधीनगर, कोटा, इंदौर एवं बांदीकूई में मिलकर अनुरोध पत्र सौंपा. इसके अलावा पाटलीपुत्र के लोकसभा सांसद रामकृपाल यादव, जमशेदपुर के सांसद विद्यूत बरण महतो, वाल्मिकी नगर के सांसद सतिश चन्द्र दूबे, समस्तीपुर के सांसद स्व. राम चन्द्र पासवान एवं नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने भी रेल मंत्री से मिलकर एसएडंटी कर्मचारियों को रिस्क तथा हार्डशिप अलाउंस देने की अनुशंसा की.
स्व. संजय शर्मा, ईएसएम, भोपाल मंडल के रनओवर के बाद 19 ट्रेनें उनकी डेड बॉडी पर से गुजारी गई थी जिससे एसएडंटी कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा एवं विरोध के रूप में खड़गपुर में 28.06.2018 को पूरे भारतीय रेलवे के एसएडंटी विभाग के कर्मचारियों ने राष्ट्रीय आक्रोश रैली की. रेलवे बोर्ड ने भी 11.06.2019 को जारी एक पत्र में माना कि 01.04.2015 से लेकर 11.06.2019 तक 64 एसएंडटी कर्मचारियों की मौत हो चुकी थी. संजय शर्मा की याद में पूरे भारतीय रेलवे के एसएडंटी कर्मचारियों ने दिनांक 09.02.2019 को एक दिवसीय उपवास रखा एवं वह दिन काला दिवस के रूप में मनाया. इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 11.02.2019 को पत्र जारी कर रिस्क तथा हार्डशिप अलाउंस के लिए एक कमिटी का गठन छः माह के लिए किया. परन्तु दिनांक 20.08.2019 तक कमिटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे पाई और 10.02.2020 तक उसका कार्यकाल बढ़ा दिया गया. इससे एसएडंटी कर्मचारियों में निराशा और असंतोष पैदा हो रहा है.
यूनियन के महामंत्री ने सदस्य से अनुरोध किया है कि एसएंडटी कर्मचारियों को जल्द से जल्द रिस्क तथा हार्डशिप अलाउंस देना सुनिश्चित किया जाए. एस एडं टी विभाग के कर्मचारियों में बढ़ते असंतोष को देखते हुए दिनांक 09.02.2020 से हम एसएडंटी के कर्मचारी आमरण अनशन पर चले जाने के लिए मजबूर हो जाऐंगे.
- चक्रधरपुर के सतर्क लोको पायलटों ने बचाई सैकड़ों यात्रियों की जान, डीआरएम ने किया सम्मानित - September 16, 2026
- ECR जीएम की सार्थक पहल: रेलकर्मियों और आश्रितों से हर मंगलवार को करेंगे मुलाकात, समस्याओं का होगा समाधान - September 16, 2026
- Adra Division: सीबीआई के हत्थे चढ़ा घूसखोर Chief Health Inspector, मेडिकल लीव मंजूर करने के एवज में ली थी रिश्वत - September 15, 2026



















































































