- आंदोलन दो गुटों में बंटा, एक गुट आंदोलन खत्म करने को तैयार है तो दूसरा मोर्चा संभाले हुए है
KHARAGPUR. कुड़मी को आदिवासी का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन पश्चिम बंगाल में समाप्त होने की खबर है. खड़गपुर रेलमंडल के खेमाशुली में रेलवे लाइन पर चार दिन से डटे समाज के नेता लगभग 108 घंटे पर रेलवे ट्रैक से हटने के लिए तैयार हो गये हैं. इस तरह हाईजैक रेल सेवा बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है.
हालांकि नेताओं को बोलने के बावजूद रेलवे लाइन पर बैठे लोग हटने को तैयार नहीं है इस कारण मार्ग पर रेल परिचालन बहाल नहीं हो सका है. रेल प्रशासन आंदोलनकारियों के अगले निर्णय का इंतजार कर रहा हैं. इस तरह आंदोलन दो गुटों में बंटा नजर आने लगा है. एक गुट आंदोलन खत्म करने को तैयार है तो दूसरा गुट अब भी मोर्चा संभालने हुआ है.
दिलचस्प है कि दाे हजार लोगों ने चार दिन तक 20 लाख से अधिक यात्रियों को लगभग हाईजैक की स्थिति में रखा लेकिन रेलवे और स्टेट प्रशासन मुंह बंद कर इंतजार करता है. हालांकि खड़गपुर रेल प्रशासन ने यह जरूर कहा कि इस आंदोलन से रेलवे का कोई लेना-देना नहीं था लेकिन वह बेबश रहा.
रेल यात्रियों ने आंदोलन से हुई परेशानी के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को समान रूप से दोषी ठहराते हुए इसे दो हजार लोगों द्वारा 20 लाख यात्रियों को हाईजैक कर रखने वाला कदम बताया है. यात्रियों ने सवाल किया कि अगर ऐसा होता रहा तो सरकार का सिस्टम हमेशा ध्वस्त होता रहेगा और विभिन्न मांगों को लेकर रेलवे और राष्ट के परिवहन सिस्टम को जाम कर लोग मनमानी करते रहेंगे.
बहरहाल रेल यात्रियों ने आंदोलन से हुई परेशानी के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को समान रूप से दोषी ठहराते हुए इसे दो हजार लोगों द्वारा 20 लाख यात्रियों को हाईजैक कर रखने वाला कदम बताया है. यात्रियों ने सवाल किया कि अगर ऐसा होता रहा तो सरकार का सिस्टम हमेशा ध्वस्त होता रहेगा और विभिन्न मांगों को लेकर रेलवे और राष्ट के परिवहन सिस्टम को जाम कर लोग मनमानी करते रहेंगे. यहां जायज और नजायज का सवाल ही खत्म हो जायेगा क्योंकि तब हर कोई अपनी मांग मनवाने के लिए सरकारी सिस्टम को हाईजैक कर लेगा और लाखों लोग परेशान होते रहेंगे.
https://youtube.com/shorts/PMfkgIy0bFQ
बहरहाल 108 घंटे बाद शनिवार को आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक से हटाने की सूचना से यात्रियों के साथ ही रेल प्रशासन ने राहत की सांस ली है. हावड़ा-मुंबई मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य करने की दिशा में रेलवे जुट गया है. पहले मालगाड़ियों का आवागमन कराकर चार दिन से बंद रेलवे ट्रैक की जांच करायी जायेगी. तमाम संतुष्टि के बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू किया जायेगा. मंगलवार 20 सितंबर की सुबह 5:35 बजे दो हजार से ज्यादा लोग खेमाशुल में लाइन जाम कर बैठ गये थे. यह जाम शनिवार 24 सितंबर की दोपहर 1:30 बजे खत्म हुआ. अब तक रेलवे ने 232 ट्रेनों का परिचालन रद्द किया है. इससे रेलवे को भी करोड़ों का नुकसान होने की खबर है.
#Kudmi aandolan #Train service hijacked #indian rail #Kharagpur division
- Adra Division: सीबीआई के हत्थे चढ़ा घूसखोर Chief Health Inspector, मेडिकल लीव मंजूर करने के एवज में ली थी रिश्वत - September 15, 2026
- रेलवे अर्बन बैंक में रोजगार का बड़ा अवसर, शेयरधारकों और स्टाफ के आश्रितों के लिए ग्रुप ‘C’ के 35 पदों पर निकली भर्ती - September 15, 2026
- ECR : दानापुर मंडल का नया कारनामा, LP(P) का प्रमोशन रद्द, कैडर रिव्यू के नाम पर हुआ बड़ा खेल! - September 14, 2026




















































































