आगरा. रेलवे अस्पताल में मेडिकल कारणों से पत्नी का आर्बशन कराये आये आरपीएफ जवान योगेश बघेल ने डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है. योगेश का कहना है कि डॉक्टर ने पत्नी का आर्बशन की जगह नशबंदी कर दी है. अब डॉक्टर उनके सामने नहीं आ रहे और वह परेशान है. रेलवे मंडल चिकित्सालय आगरा की इस लापरवाही पर पूरे जोन में हंगामा मचाया हुआ है. डीआरएम ने सीएमएस को जांच का आदेश दिया हैं.
दरअसल, योगेश बघेल की पत्नी निर्मला बघेल तीन माह की गर्भवती है. उसका इलाज फातिमा अस्पताल में चल रहा था. बच्चे की धड़कन नहीं मिलने के कारण डॉक्टर ने आर्बशन की सलाह दी. इसके बाद निर्मला को रेलवे मंडल अस्पताल, आगरा में भर्ती कराया गया. कुछ समय बाद योगेश बघेल को पता चला कि डॉ संगीता ने गर्भवती पत्नी की बिना उनकी अनुमति से नसबंदी कर दी है. अब कोई भी डॉक्टर योगेश से बात तक नहीं कर रहे.
आरपीएफ जवान योगेश बघेल की आपबीती सुनिये
आरपीएफ जवान योगेश ने इसकी सूचना पुलिस का दी है. उनका कहना है कि उनके दो बेटियां है. पूरा परिवार बेटे की आस लगाये है. ऐसे में बिना किसी सहमति के अचानक आर्बशन कराने आयी उनकी पत्नी की नशबंदी डॉक्टर ने कर दी है. आरपीएफ जवान की आपबीती वायरल हो रही है. इसमें वह अपनी बात कहते नजर आ रहे हैं.
उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ, आगरा मंडल के मंत्री बंशी बदन झा ने पूरे मामले की जानकारी आगरा डीआरएम को दी है. उन्होंने रेलवे मंडल चिकित्सालय आगरा की बड़ी लापरवाही की ओर रेल प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है और बताया है कि श्रीमती निर्मला बघेल पत्नी योगेश बघेल (कांस्टेबल, RPFआगरा ) की पत्नी का महिला चिकित्सक ने बिना किसी सहमति के गर्भपात के स्थान पर नसबंदी कर दी है. डीआरएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिये हैं.